

सिंगरौली:महापौर पर फाइल रोकने का आरोप, 6 बार रोकी गई फाइल जांच के बाद भी सीटाडेल कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन।
( पत्रकार विनीत शुक्ला )
सिंगरौली। जिले में सीटाडेल कंपनी में कार्यरत सैकड़ों कर्मचारी बीते दो महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। वेतन भुगतान न होने से नाराज कर्मचारियों ने नगर निगम महापौर, निगम अध्यक्ष और निगम आयुक्त से कई बार गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
कर्मचारियों का आरोप है कि वेतन भुगतान से जुड़ी फाइल को महापौर स्तर पर अब तक 6 बार रोका जा चुका है, जबकि मामले की जांच भी पूरी हो चुकी है।
इस पूरे प्रकरण में एक अहम तथ्य यह भी सामने आया है कि नगर निगम द्वारा अब तक एनसीएल और एनटीपीसी को सीटाडेल कंपनी का आधिकारिक हैंडओवर नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार, हैंडओवर होने की स्थिति में नगर निगम पर हर माह करीब 40 से 50 लाख रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा, इसी कारण प्रक्रिया को लंबित रखा गया है।
हैंडओवर न होने से जहां नगर निगम को आर्थिक लाभ हो रहा है, वहीं सीटाडेल कंपनी का कहना है कि हैंडओवर के बाद भुगतान प्रक्रिया स्पष्ट होगी और कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल सकेगा।
यह वही टीम है जिसने सीटाडेल में जाँच की थी वह भी रिपोर्ट जब आई तो सीटाडेल के पक्ष में आई सीटाडेल इंचाज रावेन्द्र सिंह का कहना है चाहे जितनी जाँच करवा लीजिए हम गलत नही है
कंपनी का दावा है कि गठित जांच समिति की रिपोर्ट सीटाडेल के पक्ष में आई है, इसके बावजूद भुगतान रोका गया है। फिलहाल पूरे मामले पर नगर निगम की ओर से कोई भी आधिकारिक लिखित प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।







